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 आदिवासी  दर्शन : भगवान  बिरसा  मुंडा ने  हमें स्वाभिमान  के साथ जीना सिखाया
संताल जनजातीय समाज का विलुप्त  के कगार पर लोक चित्रकला जादोपटिया
आदिवासी प्रकृति पूजक हैं, पहाड़-पर्वत को हरा भरा रखते आएं हैं :  श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड।
 प्रकृतिवादी धर्म सरना के साथ अटुट रिश्ता है पारसनाथ मारांङ बुरु की ।
होड़ोपैथी आदिवासी की परम्परागत औषधालय
प्रकृति आदिवासी साहित्य सृजन का मूल स्रोत हैं।
राजमहल का माघी मेला: आदिवासी सनातन धर्म अनुयायी का सबसे बड़ा मेला ।
जयंती विशेष: झारखंड के सांस्कृतिक एवं बौद्धिक पुरोधा थे डॉ रामदयाल मुंडा
आदिवासी भूमिज समाज का माघ बुरु बोंगा
आदिवासियों के मुक्तिदाता डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर
झारखण्ड के महापुरुष:  कोल गुरु लको बोदरा
कैसे शुरू हुई करम देवता की पूजा।
पशुधन को आभार व्यक्त करने का त्यौहार है  सोहराय ।
संताली लोकजीवन में चित्रकला का महत्व व आवश्यकता
प्रकृति, आदिवासी और सरना धर्म का निहितार्थ
खोजबीन: संताली भाषा लेखन का उद्गम स्थल बेनागाड़िया मिशन
  सुर्खियों में :  क्या 2021के जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग सरना धर्म काॅलम होगा ?
आदिवासी पावरा समाज : सामुहिक, लोकशाही जीवन मुल्यों का त्यौहार है इंदल।।
झारखण्ड अलग राज्य के शिल्पकार थे जयपाल सिंह मुंडा।
ब्रिटिश सरकार में अलग झारखण्ड प्रांत की नींव रखने वाले पहले आदिवासी थे ठेबले उरांव