Showing posts with the label TRIBAL HISTORYShow all
 भारत के आदिवासी क्यों नहीं मनाते हैं नया साल, अपने वीर शहीदों को देते हैं श्रद्धांजलि
कुड़मी/ कुरमी आदिवासी क्यों नहीं मानें जा सकते हैं, एक तथ्यपरक विश्लेषण
आदिवासी संस्कृति प्राचीन सभ्यता की विश्व धरोहर
महान आदिवासी समाज सुधारक, झारखंड निर्माता व  झारखंडी जनमानस के कण-कण में बसने वाले  दिसोम गुरु शिबू सोरेन का धान कटनी आंदोलन से केन्द्रीय मंत्री तक सफर संघर्ष भरा रहा
इतिहास से: संताल लेबर कॉर्प्स नामक विशेष कंपनी में शामिल होकर संतलों ने प्रथम विश्व युद्ध में योगदान दिया था
नागवंशी राजाओं  के साथ झारखंड के  जनजातीय समुदाय का संबंध
दिउड़ी से मिनिसोटा विश्वविद्यालय तक सफर  करने वाले  झारखंड आन्दोलन के बौद्धिक प्रोणेत पद्म श्री डॉ रामदयाल मुंडा जी का संघर्षगाथा
संताल काटा पोखर को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में विकसित करने का पहल
3 जनवरी: जयपाल सिंह मुंडा जंयती विशेष: आइसीएस की नौकरी छोड़, आदिवासियों की बने आवाज़
आइए जानते हैं झारखंड के परंपरागत खेल
झारखंड के आदिवासी : चेरो जनजाति
झारखंड त्योहार-मेला: आदिवासी साफा होड़ की आस्था का केंद्र है, सीतापुर गर्म कुंड  मेला ।
विश्व आदिवासी दिवस का मुलस्रोत है संयुक्त राष्ट्र संघ
भूख से मर जाएंगे, पर कभी मातृभूमि के साथ सौदा नहीं करेंगे : हुल नायक के वशंज
कैसे प्रारंभ हुई परंपरा, संस्कृति और विकास के हिजला मेला
15 नवंबर झारखण्ड स्थापना  दिवस
इतिहास झारखण्ड का : दामिन- ई- कोह और झारखण्ड का उदय