झारखण्ड में जनजातीय के उत्थान में भारत सेवाश्रम संघ का अहम योगदान।
आदिवासियों के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता एंव संविधान की धारा 275(1) के अंतर्गत संचालित योजनाएं।
ब्रिटिश सरकार में अलग झारखण्ड प्रांत की नींव रखने वाले पहले आदिवासी थे ठेबले उरांव
जयपाल सिंह मुंडा की वजह से संविधान में आए आदिवासियों के लिए अधिकार।
बिरजिया आदिम जनजाति: जंगल जिनके जीने का आधार  है।
भारत के आदिवासियों का धार्मिक पहचान एंव आस्था का प्रतीक है सरना। ।
प्रकृति की गोद में वसा संतालों के धार्मिक आस्था का प्रतीक लुगुबुरु घंटाबाड़ी धोरोमगढ।