अहिंसा, प्रेम व सदाचार का संदेश देता है बिरसाइत समाज


चाईबासा/ सोनुवा: पश्चिम सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखण्ड के सुदूरवर्ती गांव देवां ग्राम में बिरसाइत समाज का तीन दिवसीय 38 वां  बिरसाइत धर्म सम्मेलन सामूहिक प्रार्थना के साथ शुरू हुआ. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम के सांसद श्रीमती जोबा मांझी उपस्थित रही. इस मौके पर मुख्य अतिथि ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया.  धारती आबा  बिरसा मुंडा ने क्षेत्र में प्रेम और सभ्दाव को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने आदिवासियत के हितों जल, जंगल, जमीन की रक्षार्थ शहीद हो गए. 

बिरसाइत समाज के अनुयाइयों ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा एवं उनके अवतार धारती आबा का बाताया रास्ता लोगों को सादा जीवन जीने की प्रेरणा देता है. मौके पर धर्म संचालक बिरसा मुंडा और  रामाय मुंडा ने बिरसा आबा की जीवन पर डाला. साथ ही बिरसाइत समाज और क्षेत्र की समस्याओं पर सांसद का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समाधान की मांग की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने कहा कि बिरसाइत समाज अहिंसा, प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है.यह समाज नशापान और अंधविश्वास से दूर प्रकृति पूजा और नैतिक जीवन जीने की सीख देता है. उन्होंने समाज की समस्याओं को जल्द दूर करने और क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया.


बता दें कि महान आदिवासी जननायकों में से एक भगवान बिरसा मुंडा द्वारा 19वीं सदी के अंत में आदिवासियों में आत्म चेतना एवं नैतिक शिक्षा के आधार पर एक सामाजिक-धार्मिक व सांस्कृतिक आंदोलन जन्म दिया. इस आंदोलन से जुड़े लोगों एवं अनुयाइयों को बिरसाइत कहा गया है. यह नई विचारधारा आदिवासी समाज को अंधविश्वास, कुरीतियों और नशामुक्ति से दूर उनकी मूल संस्कृति, प्रकृति पूजा, सदाचार एवं अहिंसा और स्वाशसन व्यवस्था से जोड़ेने पर जोर देता है.

रिपोर्ट: श्री बोद बोदरा, चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम।

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