इस साल गणतंत्र दिवस परेड में भारत में बनें हथियार होगें आकर्षण का केंद्र

 


नई दिल्ली:  इस साल गणतंत्र दिवस परेड में सेना की नवगठित ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन, ‘शक्तिबाण’ तोपखाना रेजिमेंट और लद्दाख स्काउट्स माउंटेन इन्फैंट्री रेजिमेंट प्रमुख आकर्षण होंगे. यही नहीं, वायुसेना के फ्रांसीसी मूल के दसॉ राफेल और स्वदेशी रूप से निर्मित रूसी मूल के सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान भी उड़ान भरेंगे.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी और कहा कि इनमें कई उपकरण और रेजिमेंट को पहली बार युद्ध की तैयारी जैसी संचालन के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा. इस साल के गणतंत्र दिवस की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ है. परेड में 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिनमें से छह राष्ट्रीय गीत को समर्पित होंगी. मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य मामलों में बढ़ी आम जानता की रुचि को देखते हुए रक्षा सचिव ने कहा कि इन उपकरणों और बटालियनों के प्रदर्शन का उद्देश्य देश को सशस्त्र बलों की परिचालन व्यवस्था को दिखाना है.
उन्होंने कहा कि विचार है कि युद्ध में उपकरणों और जनशक्ति को एक साथ कैसे लाया जाता है, इसकी एक कहानी सबके सामने लाना है। उन्होंने कहा कि इससे गणतंत्र दिवस समारोह और इसकी यह परेड आम लोगों के लिए अ​धिक आकर्षक और जानकारीपरक हो जाएगी. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले कुछ कर्मी इस तरह प्रदर्शन करेंगे मानो वे पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार हों. आत्मनिर्भरता के विषय को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी और मेड-इन-इंडिया सिस्टम से जुड़ी उपल​​ब्धियां भी परेड में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएंगी. इनमें हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड का लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, इंडो-रूसी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं, जिनका ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किया गया था.
रक्षा सचिव ने कहा कि परेड में दिखाई जाने वाली युद्धक सामग्री, उपकरण, प्रणाली का बड़ा हिस्सा या तो भारत में बना है या यहां डिजाइन किया गया है. उन्होंने कहा कि उल्लेखनीय रूप से एयरबस सी295 परिवहन विमान, जो अब टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा भारत में बनाए जाते हैं, अमेरिकी मूल के एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर और सी-130जे सुपर हर्क्यूलिस परिवहन विमान भी देश को इस परेड में देखने को मिलेंगे. इस बार स्वदेशी तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट परेड में भाग नहीं लेगा. सूत्रों ने संकेत दिया कि वीआईपी की उपस्थिति को देखते हुए एकल-इंजन विमान को ऐसे आयोजनों के लिए आदर्श नहीं माना जाता.  परेड का एक और आकर्षण होगा देश का ड्रोन तंत्र.  इन ड्रोन को उड़ाया नहीं जाएगा, ये केवल प्रदर्शन के लिए रखे जाएंगे. इसका कारण भी सूत्रों ने परेड स्थल पर बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की उपस्थिति बताया है.

ब्यूरो रिपोर्ट, नई दिल्ली।

Post a Comment

0 Comments